Tuesday 11th of December 2018
खोज

 
livehindustansamachar.com
समाचार विवरण  
 किसी मित्र को मेल पन्ना छापो   साझा यह समाचार मूल्यांकन करें      
Save This Listing     Stumble It          
 खजुराहो के मंदिरों की पहचान मेंटेनेंस के नाम पर धुंधली और खंडित (Mon, Sep 24th 2018 / 11:55:20)

 


अश्वनी तिवारी
चंदेल राजाओं द्वारा 11वीं सदी में बनाए गए खजुराहो के मंदिर बुंदेलखंड ही नहीं पूरे मप्र पर्यटन का सिरमौर है, लेकिन, मेंटेनेंस के नाम पर यह पहचान धुंधली और खंडित होती जा रही है। मंदिरों के रख-रखाव के नाम पर कितनी गंभीर लीपापोती हो रही है इसकी गवाही खुद खजुराहो के मंदिर, उसकी दीवारें, गुंबद व कलश दे रहे हैं। 50 साल पहले खजुराहों के सभी मंदिर जिस रूप में थे उनमें से अधिकांश अब वैसे नहीं रहे।
बता दें कि खजुराहों में मंदिरों की तीन श्रेणी वेस्टर्न, ईस्टर्न और सदन हैं, जिनमें कुल 25 मंदिर हैं। हर मंदिर पर पाषाण कलां में इंसान के जन्म से लेकर मरण तक की कलाकृतियां हैं। परिसर की दीवारों, मंदिर के अंदर-बाहर और गुंबद तक में महीन नक्कासी है। पत्थर पर उकेरी गईं यही कलाकृतियां खजुराहो की पहचान हैं, जिसे देखने सात समंदर पार से विदेशी भी आते हैं, लेकिन, मंदिरों की यही कलाकृति गायब हो रही हैं।


मूर्ति व नक्कासी की जगह प्लेन पत्थर
खजुराहो के हर मंदिर में एक से बढ़कर एक नक्कासी हैं, जो मेंटेनेंस के नाम पर कम हो रही है। आधी सदी से आर्केलॉजी सर्वे ऑफ इण्डिया (एएसआई) खजुराहो के मंदिरों का मेंटेनेंस करवा रही है। स्थिति यह है कि जिस मंदिर की दीवार, गुंबद या फिर कलश की मरम्मत होती है वह अपना मूल रूप खो देता है।
नक्कासी व मूर्तिदार पत्थरों को हटाकर उनकी जगह प्लेन पत्थर रख दिया जाता है। जिस नक्कासी को जीर्ण बताकर हटा दिया जाता है, उसकी जगह लगाया पत्थर, सबसे अलग व भद्दा दिखता है। परिसर में ऐसे गई गुंबद, कलश व दीवारें हैं जिनमें नक्कासीदार पत्थरों की जगह भारी मात्रा में प्लेन पत्थर लगाए गए हैं। लीपापोती इस दर्जे की हुई है कि कई मंदिरों के गुंबद व कलश की नक्कासी को विलुप्त कर दिया गया है। उनकी जगह सपाट पत्थ्ारों के गुंबद-कलश बना दिए गए।


राजस्थान, उड़ीसा में कारीगरों की भरमार
ऐसा भी नहीं है कि देश में ऐसे कारीगर न हों जो खजुराहो के मंदिरों जैसी नक्कासी पत्थरों पर न उकेर सकें। आर्केलॉजी सर्वे ऑफ इण्डिया के अफसर भी मानते हैं कि राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, बारा के अलावा उड़ीसा के भुवनेश्वर, कोंणार्क में ऐसे कारीगरों की भरमार है जो ऐतिहासिक नक्कासी को हूबहू आकार दे देते हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि उन कारीगरों का उपयोग खजुराहो में क्यों नहीं किया जा रहा? नईदुनिया संवाददाता ने खजुराहो में एएसआई के कर्ताधर्ताओं ने ऐसे मेंटेनेंस को लेकर सवाल पूछा तो इस लापरवाही से खुद हो अलग कर लिया और बस इतना ही कहा कि यह पूर्व में रहे अफसरों ने किया है, अब हम क्या कर सकते हैं।


मरम्मत मेरे समय में नहीं
मरम्मत तो एएसआई ही कराता है लेकिन यह मरम्मत मेरे समय में नहीं हुई। पूर्व के अफसरों ने ऐसा क्यों किया? यह मैं कैसे बता सकता हूं। हां यह बात सही है कि, देश में आज भी ऐसे कई कारीगर हैं जो पुरातन काल की नक्काशी को हूबहू बना देते हैं। ऐसे कारीगरों का उपयोग यहां क्यों नहीं हुआ, इस सवाल का जवाब भी पुराने अफसर दे सकते हैं।
जीके शर्मा संरक्षण सहायक, खजुराहो

livehindustansamachar.com
 
समान समाचार  
livehindustansamachar.com
     
राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ, 11000 संत होंगे शामिल

जुनैद खान @ अयोध्या
अयोध्या में बिना किसी बाधा के राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व वेदांत संस्थान की ओर से 1 से 4 दिसंबर तक अश्वमेध यज्ञ किया जाएगा। अयोध्या में होने वाले इस यज्ञ को 1008 पंडित मिलकर पूरा करेंगे। इसमें 11000 संत शामिल होंगे।
संस्थान के संस्थापक आनं

read more..

राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ, 11000 संत होंगे शामिल

फ्लैग पोल की वजह से दरकने लगी है रांची में पहाड़ी, हटाने की तैयारी

अयोध्या-मथुरा घोषित होंगे तीर्थ स्थल ,मांस-मदिरा की बिक्री में होगा प्रतिबंध

लेसोथो के प्रधानमंत्री ने पत्नी के साथ किया ताज का दीदार

पर्यटन और एडवंचर से पूर्ण पानी के अन्दर आलिशान होटल

स्टैचू ऑफ यूनिटी: पटेल के आगे छोटी पड़ी दुनियाभर विशाल प्रतिमाएं

राम मंदिर मामला: PM मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष, सोनिया गांधी से मिलेगा VHP

जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद : जनवरी 2019 से SC में होगी सुनवाई

वर्ल्ड रिकॉर्ड को तैयार है 182 मीटर ऊंची लौह पुरुष की भव्य प्रतिमा

वैष्णो देवी के रास्ते पर आतंकी खतरा, हाई अलर्ट

पन्ना बाघ अभयारण्य में बाघिन ने तीन शावकों को जन्मा

सुप्रीम कोर्ट तय करेगा ताजमहल पर असली हक किसका ?

खुदाई के दौरान मिले 1000 रॉकेट, टीपू सुल्तान युद्ध में करते थे इस्तेमाल

तीन एतिहासिक धरोहर स्थलों को छोड़कर फोटो ले सकेंगे पर्यटक

11000 तीर्थ यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहलगाम से रवाना

ताजमहल में बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं : सुप्रीम कोर्ट

प्रतापगढ में बना देश का पहला किसान देवता मंदिर

घाटी में मौसम में सुधार के बाद अमरनाथ यात्रा बहाल

खराब मौसम के कारण जम्मू से अमरनाथ यात्रा स्थगित

प्रयागराज में प्रदूषण से कराह रही है मोक्षदायिनी गंगा

प्रशासन के लिए चुनौती होगी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा

लालकिला में चूना हटा तो नजर आई नायाब मीनाकारी

नैनीताल में विगड़ी यातायात व्यवस्था ,''नैनीताल हाउसफुल''

अमरनाथ यात्रा पर मंडरा रहा आतंकी साया, जम्मू-कश्मीर सरकार ने मांगे 22 हजार अतिरिक्त जवान

कभी भूरिश्रवा के नाम से जाना जाता था गोपालगंज का भोरे

समृद्धशाली विन्ध्य क्षेत्र की विरासत को सरंक्षित करने की आवश्यकता : कमिश्नर

एडॉप्ट ए हेरीटेज स्कीम : लाल किले का 25 करोड़ में पांच साल का कॉन्ट्रेक्ट

घोषणाओं में ही सिमटकर रह गया है चित्रकूट का ''विकास''

स्वामी ब्रम्हानंद सेवा संस्थान की ओर से लगाये गये निःशुल्क प्याऊ

निवेशकों के धन से पर्यटन विभाग सवारेगा ऐतिहासिक गढ़ी व विंध्य के किले

voice news
हमारे रिपोर्टर  
 
 
View All हमारे रिपोर्टर
पंचांग-पुराण   
.......तो गौतम बुद्ध ने बताया भूख और उपदेश में संबंध !
कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर श्रद्धालुओं ने किया स्नान-दान,मेले का हुआ आयोजन
खडग पुस्तक हुई बंद, मंगलवार को बंद होंगे बदरीनाथ के कपाट
राम की नगरी अयोध्या में ऐतिहासिक होगी 24 घंटे में 14 कोसी परिक्रमा
छठ महापर्व :डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, 36 घंटे का निर्जला उपवास
live tv
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
 
पंचांग-पुराण   
राशिफल अंक राशि
शुभ पंचांग कुम्भ [ महाकुम्भ ]
आस्था प्रवचन
हस्तरेखा वास्तु
रत्न फेंग शुई
कुंडली विशेष दिवस
सुविचार व्रत -उपवास
प्रेरक प्रसंग
 
लाइव अपडेट  
HEAD OFFICE
लाइव हिंदुस्तान समाचार
Nagar Sirmaur, Tehsil Sirmaur
District Rewa [MP] India
Zip Code-486448
Mob- +919425330281,+919893112422
 
समाचार चैनल  
स्थानीय राजनीति
SPORTS स्वास्थ्य [ सेहत ]
कारोबार क्राइम
व्यायाम जीवन शैली
शिक्षा स्ट्रिंग
धरोहर [ ऐतिहासिक ] प्रदर्शन [ विरोध ]
शासन सम्पादकीय
अंतर्राष्ट्रीय सोशल मीडिया
कैरियर मनोरंजन
न्यायालय आपदा [ घटना ]
अनुसंधान आलेख [ब्लॉग]
सम्मान [ पुरस्कार ] आयोग [ बोर्ड ]
ELECTION-2018 कार्यक्रम
टेक्नोलॉजी संगठन
मौसम परीक्षा [ टेस्ट ]
रिपोर्ट [ सर्वे ] भष्ट्राचार
बागवानी [ कृषि ] E-PAPER
कॉन्फ्रेंस [ विज्ञप्ति ] श्रधांजलि
आम बजट सदन [ संसदीय ]
योजना रिजल्ट [परिणाम]
सामान्य ज्ञान प्रशासन
 
Submit Your News
 
 
 | होम  | कॉन्फ्रेंस [ विज्ञप्ति ]  | कार्यक्रम  | मौसम  | स्थानीय  | संगठन  | स्वास्थ्य [ सेहत ]  | क्राइम  | SPORTS  | सामान्य ज्ञान  | राजनीति  | न्यायालय  | रिजल्ट [परिणाम]  | प्रदर्शन [ विरोध ]  | श्रधांजलि  | शिक्षा  | शासन  | धरोहर [ ऐतिहासिक ]  | टेक्नोलॉजी  | कैरियर  | योजना  | अंतर्राष्ट्रीय  | बागवानी [ कृषि ]  | भष्ट्राचार  | आलेख [ब्लॉग]  | मनोरंजन  | ELECTION-2018  | सोशल मीडिया  | रिपोर्ट [ सर्वे ]  | सम्मान [ पुरस्कार ]  | आपदा [ घटना ]  | आम बजट  | व्यायाम  | कारोबार  | E-PAPER  | स्ट्रिंग  | सम्पादकीय  | आयोग [ बोर्ड ]  | प्रशासन  | अनुसंधान  | परीक्षा [ टेस्ट ]  | सदन [ संसदीय ]  | जीवन शैली  | चंडीगढ़  | राजस्थान  | मध्य प्रदेश  | असम  | झारखंड  | दादरा और नगर हवेली  | अंडमान एवं निकोबार  | आंध्र प्रदेश  | मणिपुर  | दिल्ली  | त्रिपुरा  | पांडिचेरी  | नगालैंड  | मिजोरम  | सिक्किम  | केरल  | हिमाचल प्रदेश  | मेघालय  | छत्तीसगढ़  | उत्तर प्रदेश  | अरुणाचल प्रदेश  | दमन और दीव  | पंजाब  | तेलंगाना  | उड़ीसा  | तमिलनाडु  | उत्तरांचल  | जम्मू और कश्मीर  | महाराष्ट्र  | गोवा  | बिहार  | हरियाणा  | गुजरात  | पश्चिम बंगाल  | लक्ष्यदीप  | कर्नाटक  | नियम एवं शर्तें  | गोपनीयता नीति  | विज्ञापन हमारे साथ  | हमसे संपर्क करें
 
livehindustansamachar.com Copyrights 2016-2017. All rights reserved. Designed & Developed by : livehindustansamachar.com
 
Hit Counter