Thursday 21st of February 2019
खोज

 
livehindustansamachar.com
समाचार विवरण  
 किसी मित्र को मेल पन्ना छापो   साझा यह समाचार मूल्यांकन करें      
Save This Listing     Stumble It          
 1906 में फहराया गया था पहला तिरंगा, राष्ट्र ध्वज के रूप में लहराएगा छठा स्वरुप (Sat, Jan 26th 2019 / 10:26:43)

 


नई दिल्ली ब्यूरो
अपना देश इस बार 70वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। हर बार की तरह इस बार हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शान से फहराया जाएगा। वर्तमान में तिरंगे का जो स्वरूप है, दरअसल वह पहला नहीं है, बल्कि राष्ट्र ध्वज के रूप में यह इसका छठा स्वरुप है। जानना दिलचस्प होगा कि आखिर किस तरह बदलता गया अपना तिरंगा।
हर स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक ध्वज होता है। अभी जो अपना तिरंगा है, उसे 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था। यह बैठक 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से देश के आजाद होने से कुछ दिन पहले हुई थी। तिरंगे को 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया और इसके बाद भारतीय गणतंत्र ने इसे अपनाया।
आजादी के लड़ाई के दौरान हुआ राष्ट्रध्वज का विकास
यह जानना अत्यंत रोचक है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज अपने आरंभ से किन-किन परिवर्तनों से गुजरा। इसे हमारे स्वतंत्रता के राष्ट्रीय संग्राम के दौरान खोजा गया या मान्यता दी गई। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का विकास आज के इस रूप में पहुंचने के लिए अनेक दौरों में से गुजरा। एक रूप से यह राष्ट्र में राजनीतिक विकास को दर्शाता है।
7 अगस्त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता में फहराया गया था जिसे अब कोलकाता कहते हैं। इस ध्वज को लाल, पीले और हरे रंग की क्षैतिज पट्टियों से बनाया गया था।इस ध्वज को पेरिस में मैडम कामा और 1907(कुछ के अनुसार 1905 में) में उनके साथ निर्वासित किए गए कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था। यह भी पहले ध्वज के समान था, सिवाय इसके कि इसमें सबसे ऊपरी की पट्टी पर केवल एक कमल था, लेकिन सात तारे सप्तऋषि को दर्शाते हैं। यह ध्वज बर्लिन में हुए समाजवादी सम्मेलन में भी प्रदर्शित किया गया था।तृतीय ध्वज 1917 में आया जब हमारे राजनीतिक संघर्ष ने एक निश्चित मोड़ लिया। डॉ. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान इसे फहराया। इस ध्वज में 5 लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक और सप्तऋषि के अभिविन्यास में इस पर बने सात सितारे थे। बाईं और ऊपरी किनारे पर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था। एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र के दौरान जो 1921 में बेजवाड़ा (अब विजयवाड़ा) में किया गया यहां आंध्र प्रदेश के एक युवक ने एक झंडा बनाया और गांधी जी को दिया। यह दो रंगों का बना था। लाल और हरा रंग जो दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्व करता है।
गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा होना चाहिए।वर्ष 1931 ध्वज के इतिहास में एक यादगार वर्ष है। तिरंगे ध्वज को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया। यह ध्वज जो वर्तमान स्वरूप का पूर्वज है, केसरिया, सफेद और मध्य में गांधी जी के चलते हुए चरखे के साथ था। साथ ही यह स्पष्ट रूप से बताया गया इसका कोई सांप्रदायिक महत्व नहीं था। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने इसे मुक्त भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया। स्वतंत्रता मिलने के बाद इसके रंग और उनका महत्व बना रहा। केवल ध्वज में चलते हुए चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को दिखाया गया। इस प्रकार कांग्रेस पार्टी का तिरंगा ध्वज अंतत: स्वतंत्र भारत का तिरंगा ध्वज बना।
 

 
समान समाचार  
livehindustansamachar.com
     
बेहद लचीला है भारतीय संविधान, 70 साल में हुए 103 संशोधन

अश्वनी तिवारी
देश आज अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इसी दिन 1950 में भारत सरकार अधिनियम एक्ट (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। 15 अगस्त, 1947 को देश के आजाद होने के बाद 29 अगस्त को संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमिटि का गठ

read more..

बेहद लचीला है भारतीय संविधान, 70 साल में हुए 103 संशोधन

अंग्रेजी शासन की स्थापना के साथ ही शुरू हुआ था संवैधानिक विकास

कितना जानते हैं आप अपने देश के बारे में ?

आइंसटाइन से लेकर स्वामी जी तक...महान विचारकों की राय में महान है भारत

voice news
हमारे रिपोर्टर  
 
 
View All हमारे रिपोर्टर
पंचांग-पुराण   
माघ पूर्णिमा : स्नान, दान और धर्म - कर्म की पूर्णिमा
42 देशों से आए आदिवासियों ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी
सोमवती अमावस्या पर सोमतीर्थ कुंड शिप्रा में हजारों श्रद्धालुओ ने किया स्नान
शुभ मुहूर्त में ही लिखे प्रियजनों को स्नेह निमंत्रण पत्र
मंगल का मेष राशि में प्रवेश, 5 फरवरी को होगा राशि परिवर्तन
live tv
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
 
पंचांग-पुराण   
राशिफल अंक राशि
शुभ पंचांग कुम्भ [ महाकुम्भ ]
आस्था प्रवचन
हस्तरेखा वास्तु
रत्न फेंग शुई
कुंडली विशेष दिवस
सुविचार व्रत -उपवास
प्रेरक प्रसंग
 
लाइव अपडेट  

लाइव हिंदुस्तान समाचार

 
समाचार चैनल  
स्थानीय राजनीति
खेल स्वास्थ्य
Business अपराध
जीवन शैली शिक्षा
String धरोहर [ऐतिहासिक]
प्रदर्शन [ विरोध ] शासन
सम्पादकीय अंतर्राष्ट्रीय
सोशल मीडिया JOB
मनोरंजन न्यायालय
आपदा [ घटना ] अनुसंधान
आलेख [ब्लॉग] सम्मान [ पुरस्कार ]
आयोग [ बोर्ड ] ELECTION-2019
कार्यक्रम टेक्नोलॉजी
संगठन मौसम
परीक्षा [ टेस्ट ] रिपोर्ट [ सर्वे ]
भष्ट्राचार बागवानी [ कृषि ]
कॉन्फ्रेंस [ विज्ञप्ति ] श्रधांजलि
आम बजट-2019 सदन [ संसदीय ]
योजना रिजल्ट [परिणाम]
प्रशासन जनरल नॉलेज
राष्ट्रीय कार्यक्रम
 
Submit Your News
 
 
 | होम  | कार्यक्रम  | जीवन शैली  | मनोरंजन  | आम बजट-2019  | योजना  | रिपोर्ट [ सर्वे ]  | JOB  | कॉन्फ्रेंस [ विज्ञप्ति ]  | अपराध  | जनरल नॉलेज  | ELECTION-2019  | सम्पादकीय  | राष्ट्रीय कार्यक्रम  | खेल  | Business  | स्वास्थ्य  | रिजल्ट [परिणाम]  | शासन  | टेक्नोलॉजी  | शिक्षा  | अनुसंधान  | आयोग [ बोर्ड ]  | सदन [ संसदीय ]  | सम्मान [ पुरस्कार ]  | धरोहर [ऐतिहासिक]  | संगठन  | प्रदर्शन [ विरोध ]  | अंतर्राष्ट्रीय  | आपदा [ घटना ]  | मौसम  | सोशल मीडिया  | भष्ट्राचार  | स्थानीय  | String  | प्रशासन  | आलेख [ब्लॉग]  | परीक्षा [ टेस्ट ]  | श्रधांजलि  | बागवानी [ कृषि ]  | राजनीति  | न्यायालय  | जम्मू और कश्मीर  | राजस्थान  | छत्तीसगढ़  | उड़ीसा  | पंजाब  | चंडीगढ़  | गुजरात  | महाराष्ट्र  | तमिलनाडु  | असम  | अरुणाचल प्रदेश  | बिहार  | हिमाचल प्रदेश  | दिल्ली  | पश्चिम बंगाल  | पांडिचेरी  | आंध्र प्रदेश  | मणिपुर  | गोवा  | मिजोरम  | मध्य प्रदेश  | मेघालय  | केरल  | हरियाणा  | अंडमान एवं निकोबार  | कर्नाटक  | त्रिपुरा  | तेलंगाना  | उत्तर प्रदेश  | सिक्किम  | लक्ष्यदीप  | दमन और दीव  | नगालैंड  | झारखंड  | दादरा और नगर हवेली  | उत्तरांचल  | नियम एवं शर्तें  | गोपनीयता नीति  | विज्ञापन हमारे साथ  | हमसे संपर्क करें
 
livehindustansamachar.com Copyrights 2016-2017. All rights reserved. Designed & Developed by : livehindustansamachar.com
 
Hit Counter