Friday 14th of August 2020
खोज

 
livehindustansamachar.com
समाचार विवरण  
 किसी मित्र को मेल पन्ना छापो   साझा यह समाचार मूल्यांकन करें      
Save This Listing     Stumble It          
 10+2 का प्रारूप होगा समाप्‍त, 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी ! (Thu, Jul 30th 2020 / 14:04:39)

 


चन्द्रिका प्रसाद तिवारी
केंद्र सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए शिक्षा नीति में अहम बदलाव कर दिया है। देश में प्रचलित 34 साल पुरानी शिक्षा नीति में बदलाव करके अब नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी गई हे। इस नीति की सबसे खास बात यह है कि अब 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह से समाप्‍त कर दिया जाएगा। इसे शिक्षा जगत में निर्णायक बदलाव माना जा रहा है। कैबिनेट की बैठक के बाद यह ऐलान किया गया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदल कर अब शिक्षा मंत्रालय किया गया है। भारत सरकार के अनुसार, कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी। उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50 फीसद सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एकाधिक प्रवेश/ निकास का प्रावधान शामिल है।

  • अब कैसा होगा 10+2 का नया स्‍वरूप

नई शिक्षा नीति में 10+2 के प्रारूप को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है। इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा एक और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा। इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12)। इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं।

  • उच्‍च शिक्षा में किए गए ये आवश्‍यक सुधार

उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा कि उच्‍च शिक्षा में कई सुधार किए गए हैं। सुधारों में ग्रेडेड अकैडमिक, प्रशासनिक और वित्‍तीय स्‍वायत्‍त्‍तता आदि शामिल है। नई शिक्षा नीति और सुधारों के बाद हम 2035 तक 50 फीसद सकल नामांकन अनुपात (GER) प्राप्त करेंगे।
- नई शिक्षा नीति में सभी उच्च शिक्षा के लिए एक एकल नियामक गठन किया जाएगा। कई 'निरीक्षणों' के स्थान पर अनुमोदन के लिए स्व प्रकटीकरण आधारित पारदर्शी प्रणाली के तहत काम करना शामिल है।
- क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे। वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे। एक नेशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा।
- देश में 45,000 कॉलेज हैं। ग्रेडेड स्वायत्तता के तहत कॉलेजों को शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता दी जाएगी।
- मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी।
- 4साल का डिग्री प्रोग्राम फिर M.A. और उसके बाद बिना M.Phil के सीधा PhD कर सकते हैं।
- बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई प्रस्ताव नई एजुकेशन पॉलिसी में है। बोर्ड परीक्षाओं के महत्व के कम किया जाएगा। इसमें वास्तविक ज्ञान की परख की जाएगी।
- कक्षा 5 तक मातृभाषा को निर्देशों का माध्यम बनाया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड में सब चीजों की जानकारी होगी।
- नए सुधारों में टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर दिया गया है। अभी हमारे यहां डीम्ड यूनविर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूशंस के लिए अलग-अलग नियम हैं। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहते सभी के लिए नियम समान होगा।

  • नई शिक्षा नीति जानिये एक नज़र में

-हर छात्र की क्षमताओं को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी
-छात्रों के लिए कला और विज्ञान के बीच कोई कठिनाई, अलगाव नहीं होगा।
-शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर
-वैचारिक समझ पर जोर होगा, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा मिलेगा।
-नैतिकता, संवैधानिक मूल्य पाठ्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होंगी।

  • स्कूली शिक्षा का बदलेगा स्वरूप

- 10+2 के ढांचे को 5+3+3+4 के चार स्तर में बदला जाएगा
- पांच साल के पहले चरण में तीन साल आंगनवाड़ी या प्री-स्कूल और दो साल पहली व दूसरी कक्षा की पढ़ाई होगी
- इसके बाद तीसरी से पांचवीं कक्षा, छठी से आठवीं कक्षा और नौवीं से 12वीं कक्षा के तीन स्तर रहेंगे
- तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में संबंधित अथॉरिटी द्वारा परीक्षाओं का आयोजन होगा। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं होती रहेंगी
- स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य स्तर पर स्कूल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी गठित की जाएगी। गली-मोहल्लों में खुले कम गुणवत्ता वाले स्कूलों पर रहेगी नजर
- राज्य की खूबियों और जानकारियों के आधार पर सभी राज्य अपना पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। सभी स्थानीय भाषाओं में स्कूली किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर फोकस रहेगा। बस्ते का बोझ कम रखा जाएगा।

  • उच्च शिक्षा का स्तर होगा ऊंचा

- उच्च शिक्षा में विषयों के क्रिएटिव कॉम्बिनेशन के साथ छात्रों को बीच में विषय बदलने का मौका मिलेगा
- विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से मिले क्रेडिट का लेखजोखा रखने के लिए डिजिटल स्तर पर एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट बनाया जाएगा। फाइनल डिग्री में इन क्रेडिट को जोड़ा जा सकेगा
- उच्च शिक्षा में शोध की संस्कृति और क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वोच्च संस्था के तौर पर नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का गठन किया जाएगा
- मेडिकल और लीगल के अलावा पूरी उच्च शिक्षा को एक दायरे में लाने के लिए हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया का गठन होगा
- सरकारी और निजी सभी उच्च शिक्षण संस्थानों पर एक ही तरह के नियम और मानक लागू होंगे
- सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक प्रवेश परीक्षा होगी, जिससे छात्रों का समय और धन दोनों बचेगा
अध्यापन के मानक भी बदलेंगे
- 2030 तक अध्यापन के लिए 4 साल की न्यूनतम इंटीग्रेटेड बीएड की डिग्री जरूरी की जाएगी
- इच्छुक वरिष्ठ एवं रिटायर्ड अध्यापकों का बड़ा पूल बनेगा, जो यूनिवर्सिटी व कॉलेज के अध्यापकों को पेशेवर सहयोग देंगे
- - अध्यापकों के लिए कॉमन नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स तैयार किए जाएंगे। एनसीईआरटी, एससीईआरटी, अध्यापकों एवं विशेषज्ञ संस्थानों से चर्चा के आधार पर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन इसे तैयार करेगा

  • कुछ अन्य अहम बातें

- कला और विज्ञान संकाय के बीच, शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के बीच, वोकेशनल व एकेडमिक स्ट्रीम के बीच कोई सख्त बंटवारा नहीं होगा
- कक्षा पांच तक अनिवार्य रूप से मातृभाषा और स्थानीय भाषा में पढ़ाई होगी। इसके बाद की कक्षाओं में भी इसे प्राथमिकता में रखा जाएगा
- स्कूल और उच्च शिक्षा में संस्कृत का विकल्प मिलेगा। सेकेंडरी लेवल पर कोरियाई, स्पेनिश, पुर्तगाली, फ्रेंच, जर्मन, जापानी और रूसी आदि विदेशी भाषाओं में से चुनने का भी मौका होगा
- सभी राज्यों/जिलों को डे-टाइम बोर्डिंग स्कूल के रूप में "बाल भवन" बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें कला, करियर और खेल से जुड़ी गतिविधियां होंगी
- छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों का लेखाजोखा रखने के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल बनेगा, निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को भी मुफ्त शिक्षा एवं छात्रवृत्ति के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा
- महामारी के कारण उपजी स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीति में यह प्रस्ताव भी है कि जहां शिक्षा के पारंपरिक तरीके संभव नहीं हों, वहां वैकल्पिक माध्यमों को बढ़ावा दिया जाए
- शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले खर्च को जीडीपी के छह फीसद तक लाने का लक्ष्य। अभी यह जीडीपी के चार फीसद के बराबर है

  • नई नीति के पांच स्तंभ

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर नई शिक्षा के पांच स्तंभों का उल्लेख किया। ये पांच स्तंभ हैं एक्सेस (सब तक पहुंच), इक्विटी (भागीदारी), क्वालिटी (गुणवत्ता), अफोर्डेबिलिटी (किफायत) और अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही)।

livehindustansamachar.com
 
समान समाचार  
livehindustansamachar.com
     
पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में परीक्षा पर शासन लेगा निर्णय !

लाइव हिंदुस्तान समाचार & रायपुर
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय सहित अन्य राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं रद हो गई हैं। रविवि में अंतिम वर्ष और सभी वर्ष की प्राइवेट विद्यार्थियों की पर

read more..

पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में परीक्षा पर शासन लेगा निर्णय !

नई शिक्षा नीति : स्कूलों में मध्याह्न भोजन के साथ नाश्ते के प्रावधान का प्रस्ताव

नर्सरी में बच्चे फिर सुनेंगे पंचतंत्र की कहानियां, लैंगिक संवेदनशीलता की भी शिक्षा

मध्य प्रदेश में कॉलेज में प्रवेश के समय भरनी होगी सिर्फ 50 प्रतिशत फीस

मध्य प्रदेश मे 31 अगस्त तक बंद रहेंगे निजी और सरकारी स्कूल-कालेज

मध्य प्रदेश में शिक्षकों को रक्षाबंधन के पहले मिलेगा तीन माह का वेतन

एंड्रायड एप, कॉल सेंटर और टोल फ्री नंबर पर विद्यार्थी सुन सकेंगे शिक्षा पाठ

आदिवासी बच्चों को पढ़ा रहे ईसरम संतोष, तेलंगाना में जंगलों के बीच बनाया स्कूल

कोंचिग सेंटरो में कोंचिग पर प्रतिबंध , उल्लंघन पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही

माशिमं भी स्कूलों के कोर्स में करेगा कटौती, नहीं होगी त्रैमासिक परीक्षा !

मध्य प्रदेश में 15 अगस्त से पहले 70 लाख बच्चों को मिलेगा नया गणवेश

प्री-प्रायमरी तथा प्राथमिक ऑनलाइन कक्षाओं पर रोक के आदेश

मध्यप्रदेश मे विश्वविद्यालय अब देंगे डिजिटल डिग्री और अंकसूची

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में परीक्षा की जगह होगा मासिक मूल्यांकन

29 जून से परीक्षा, 15 जून से प्रोफेसरों को आना होगा महाविद्यालय

प्रायमरी के बच्चों को न बुलाएं स्कूल, सितंबर से लगाएं कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षा

छत्तीसगढ़ पत्रकारिता विवि से हटेगा भाजपा के पितृ पुरुष कुशाभाऊ का नाम

अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल तक लेने संकुल प्राचार्यो को निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों से मांगा पांच वर्षों के शोध कार्य का रिकार्ड

मंत्री से बातचीत बेनतीजा, 7 मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों ने दिया इस्तीफा

बीएचयू में अब भूत विद्या की होगी पढ़ाई, छह महीने बाद मिलेगा सर्टिफिकेट

E Attendance : मध्यप्रदेश में शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी ई-अटेंडेंस

कॉलेजों में छात्रवृत्ति की योजनाओं का हिसाब मांगने से मची खलबली

कॉलेजों के भू-संपत्ति नामांतरण की कार्रवाई में प्रशासन का रवैया उदासीन

शिक्षा सूचकांक में पहले स्थान पर केरल , अंतिम पायदान पर उत्तर प्रदेश

शिक्षक गायब, बिना खिड़की-दरवाजों के मिला रीवा में एक स्कूल

मध्‍यप्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों में बीएड में प्रवेश पर हाईकोर्ट से रोक

कॉलेजों को अब एडमीशन देने का हक नहीं, शासन स्तर से होंगे एडमिशन

स्कूली बसों में सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस सिस्टम का लगाया जाना अनिवार्य

कॉलेज शौचालय में लगाएगा CCTV कैमरा, छात्रों को लुंगी पहनने की सलाह

voice news
हमारे रिपोर्टर  
 
 
View All हमारे रिपोर्टर
पंचांग-पुराण   
हनुमान होते तो नहीं होता श्रीराम का स्वर्गारोहण, इसलिए किया था ऐसा उपाय
जानिए ,रक्षाबंधन की तिथि, वार, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि सहित कथा !
व्यक्ति की राशि पर भी निर्भर करता है तो उसे कैसे जीवनसाथी मिलेगा
मोक्षदायिनी और पुण्यफल देने वाली देवशयनी एकादशी की पूजाविधि और शुभ मुहूर्त
कांवड़ यात्रा की अनुमति देने से झारखंड सरकार ने किया इन्कार
live tv
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
livehindustansamachar.com
 
पंचांग-पुराण   
राशिफल अंक राशि
शुभ पंचांग कुम्भ [ महाकुम्भ ]
आस्था प्रवचन
हस्तरेखा वास्तु
रत्न फेंग शुई
कुंडली विशेष दिवस
सुविचार व्रत -उपवास
प्रेरक प्रसंग
 
लाइव अपडेट  
लाइव हिंदुस्तान समाचार फेसबुक ,ट्वविटर ,इंस्ट्राग्राम , लिंक्डइन से जुड़ने के लिए फॉलो करे या विजिट करे : www.livehindustansamachar.com
 
समाचार चैनल  
स्थानीय राजनीति
खेल COVID-19
बिज़नेस अपराध
जीवन-शैली शिक्षा
राष्ट्रीय सम्पादकीय
अंतर्राष्ट्रीय सोशल मीडिया
कैरियर मनोरंजन
न्यायालय आपदा
अनुसंधान ब्लॉग
निर्वाचन मौसम
भष्ट्राचार कृषि
HEALTH शासन
योजना प्रशासन
कविता/कहानी लाइव हिंदुस्तान समाचार [विशेष]
 
Submit Your News
 
 
 | होम  | मौसम  | अनुसंधान  |  कृषि  | राष्ट्रीय  | शिक्षा  | कैरियर  | मनोरंजन  | जीवन-शैली  | प्रशासन  | कविता/कहानी  | HEALTH  | भष्ट्राचार  | अपराध  | सम्पादकीय  | स्थानीय  | निर्वाचन  | ब्लॉग  | शासन  | आपदा  | राजनीति  | COVID-19  | बिज़नेस  | न्यायालय  | सोशल मीडिया  | योजना  | लाइव हिंदुस्तान समाचार [विशेष]  | अंतर्राष्ट्रीय  | खेल  | पांडिचेरी  | मणिपुर  | उड़ीसा  | आंध्र प्रदेश  | त्रिपुरा  | पश्चिम बंगाल  | तमिलनाडु  | उत्तर प्रदेश  | तेलंगाना  | अंडमान एवं निकोबार  | झारखंड  | लद्दाख  | छत्तीसगढ़  | उत्तरांचल  | केरल  | दादरा और नगर हवेली  | गुजरात  | महाराष्ट्र  | नगालैंड  | सिक्किम  | हरियाणा  | चंडीगढ़  | गोवा  | जम्मू और कश्मीर  | राजस्थान  | मिजोरम  | दिल्ली  | लक्ष्यदीप  | अरुणाचल प्रदेश  | असम  | पंजाब  | दमन और दीव  | मेघालय  | मध्य प्रदेश  | कर्नाटक  | हिमाचल प्रदेश  | बिहार  | नियम एवं शर्तें  | गोपनीयता नीति  | विज्ञापन हमारे साथ  | हमसे संपर्क करें
 
livehindustansamachar.com Copyrights 2016-2017. All rights reserved. Design & Development By MakSoft
 
Hit Counter